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पà¥à¤°à¥à¤·à¥‹à¤‚ में होने वाले 5 सबसे आम कैंसर
पà¥à¤°à¥à¤·à¥‹à¤‚ के सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ पर धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ केंदà¥à¤°à¤¿à¤¤ करते हà¥à¤, आज हम कà¥à¤› à¤à¤¸à¥‡ कैंसर के बारे में बात करेंगे, जो अकà¥à¤¸à¤° पà¥à¤°à¥à¤·à¥‹à¤‚ को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ करते हैं। कà¥à¤› कैंसर जो पà¥à¤°à¥‚षों को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ करते हैं जिनमें शामिल हैं।
पà¥à¤°à¥‹à¤¸à¥à¤Ÿà¥‡à¤Ÿ कैंसर
कोलोरेकà¥à¤Ÿà¤² कैंसर
फेफड़े का कैंसर
तà¥à¤µà¤šà¤¾ का कैंसर
बà¥à¤²à¥ˆà¤¡à¤° कैंसर
आज हम आपको बताà¤à¤‚गे कि हम इन कैंसर के बारे में कैसे पता लगा सकते हैं और किस तरह हम इसे रोकने में मदद कर सकते हैं।
पà¥à¤°à¥à¤·à¥‹à¤‚ में कई बार कैंसर का पता इस वजह से नहीं चल पाता, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि वह कैंसर के लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ को सेहत से जà¥à¥œà¥€ आम समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ मानकर छोड़ देते हैं। कैंसर à¤à¤• à¤à¤¸à¥€ बीमारी है, जिसका जितना जलà¥à¤¦à¥€ पता चल जाठउतना ही अचà¥à¤›à¤¾ होता है। इससे इस बीमारी का इलाज करने में जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ परेशानी का सामना नहीं करना पड़ता है, साथ ही इलाज के सफल होने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ बॠजाती है। आइठजानते हैं उन कैंसर के बारे में जो खासतौर पर पà¥à¤°à¥‚षों में होते हैं।
पà¥à¤°à¥‹à¤¸à¥à¤Ÿà¥‡à¤Ÿ कैंसर
पà¥à¤°à¥‹à¤¸à¥à¤Ÿà¥‡à¤Ÿ कैंसर केवल पà¥à¤°à¥‚षों को होता है, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि पà¥à¤°à¥‹à¤¸à¥à¤Ÿà¥‡à¤Ÿ गà¥à¤²à¥ˆà¤‚ड महिलाओं में नहीं होती है और यह उमà¥à¤° के साथ बà¥à¤¤à¤¾ है। अधिकांश पà¥à¤°à¥‹à¤¸à¥à¤Ÿà¥‡à¤Ÿ कैंसर 65 वरà¥à¤· से अधिक उमà¥à¤° के पà¥à¤°à¥à¤·à¥‹à¤‚ में होता हैं। à¤à¤• या à¤à¤• से अधिक करीबी रिशà¥à¤¤à¥‡à¤¦à¤¾à¤°à¥‹à¤‚ को होने से à¤à¥€ पà¥à¤°à¥à¤· के पà¥à¤°à¥‹à¤¸à¥à¤Ÿà¥‡à¤Ÿ कैंसर होने का खतरा बॠजाता है। पà¥à¤°à¥‹à¤¸à¥à¤Ÿà¥‡à¤Ÿ कैंसर केवल पà¥à¤°à¥‚षों को होता है, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि पà¥à¤°à¥‹à¤¸à¥à¤Ÿà¥‡à¤Ÿ गà¥à¤²à¥ˆà¤‚ड महिलाओं में नहीं होती हैपà¥à¤°à¥‰à¤¸à¥à¤Ÿà¥‡à¤Ÿ कैंसर पà¥à¤°à¥‰à¤¸à¥à¤Ÿà¥‡à¤Ÿ गà¥à¤°à¤‚थि, जो कि सिरà¥à¤« पà¥à¤°à¥à¤·à¥‹à¤‚ में होती है। दरअसल, पà¥à¤°à¥‰à¤¸à¥à¤Ÿà¥‡à¤Ÿ गà¥à¤°à¤‚थि अखरोट के आकार की à¤à¤• à¤à¤¸à¥€ गà¥à¤°à¤‚थि है जो पेशाब की नली के चारों ओर फैली होती है। इसका काम सà¥à¤ªà¤°à¥à¤® को नà¥à¤¯à¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¿à¤¶à¤¨ देना होता है। आमतौर पर पà¥à¤°à¥‰à¤¸à¥à¤Ÿà¥‡à¤Ÿ गà¥à¤°à¤‚थि का वजन 18 गà¥à¤°à¤¾à¤® होता है, लेकिन जब इसका वजन 30 से 50 गà¥à¤°à¤¾à¤® हो जाठतो गà¥à¤°à¤‚थि में पà¥à¤°à¥‰à¤¸à¥à¤Ÿà¥‡à¤Ÿ कैंसर विकसित होने लगता है।
दरअसल, पà¥à¤°à¥‹à¤¸à¥à¤Ÿà¥‡à¤Ÿ कैंसर आमतौर पर बहà¥à¤¤ ही धीमी गति से बà¥à¤¤à¤¾ है। जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° रोगियों में इसका पता तब नहीं चल पाता जब जक यह पूरी तरह से विकसित न हो जाà¤à¥¤ यही कारण है कि लोगों को इस कैंसर क पà¥à¤°à¤¤à¤¿ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ सचेत रहने की जरूरत हैै।
पà¥à¤°à¥‹à¤¸à¥à¤Ÿà¥‡à¤Ÿ कैंसर के लकà¥à¤·à¤£
1- पà¥à¤°à¥‹à¤¸à¥à¤Ÿà¥‡à¤Ÿ कैंसर के कारण पेशाब करते समय दिकà¥à¤•त होती है। आपको दरà¥à¤¦, तेज चà¥à¤à¤¨ का अहसास हो सकता है।
2- इस कैंसर के कारण वीरà¥à¤¯ में खून आने की समसà¥à¤¯à¤¾ हो जाती है।
3- इस कैंसर में आपको पेशाब करने के बाद à¤à¥€ à¤à¤¸à¤¾ महसूस होता रहेगा कि आपने पेशाब पूरी तरह से नहीं किया है।
4- शरीर के किसी à¤à¤¾à¤— की तà¥à¤µà¤šà¤¾ में परिवरà¥à¤¤à¤¨ à¤à¥€ इसके लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ में शामिल है, यदि शरीर का कोई हिसà¥à¤¸à¤¾ काला या सांवला पड़ने लगे तो इसे गंà¤à¥€à¤°à¤¤à¤¾ से लें।
5- यदि आपको पीठमें बिना कारण किसी वजह से दरà¥à¤¦ रहता है तो तà¥à¤°à¤‚त डॉकà¥à¤Ÿà¤° से संपरà¥à¤• करें।
पà¥à¤°à¥‹à¤¸à¥à¤Ÿà¥‡à¤Ÿ कैंसर की सà¥à¤•à¥à¤°à¥€à¤¨à¤¿à¤‚ग
पà¥à¤°à¥‹à¤¸à¥à¤Ÿà¥‡à¤Ÿ कैंसर की जांच à¤à¤• बà¥à¤²à¤¡ टेसà¥à¤Ÿ के जरिठकी जाती है, जिसे पीà¤à¤¸à¤ (PSA) परीकà¥à¤·à¤£ कहा जाता है। डिजिटल रेकà¥à¤Ÿà¤² परीकà¥à¤·à¤£ सà¥à¤•à¥à¤°à¥€à¤¨à¤¿à¤‚ग के à¤à¤• à¤à¤¾à¤— के रूप में à¤à¥€ की जा सकती है। आपका परीकà¥à¤·à¤£ कितनी बार किया जाà¤à¤—ा, यह आपके पीà¤à¤¸à¤ सà¥à¤¤à¤°, सामानà¥à¤¯ सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯, वरीयताओं और मूलà¥à¤¯à¥‹à¤‚ पर निरà¥à¤à¤° करेगा।
कोलोरेकà¥à¤Ÿà¤² कैंसर कोलन या मलाशय (Rectum) में शà¥à¤°à¥‚ होता है।
कोलोरेकà¥à¤Ÿà¤² कैंसर
कोलोरेकà¥à¤Ÿà¤² कैंसर
कोलोरेकà¥à¤Ÿà¤² कैंसर à¤à¤• à¤à¤¸à¤¾ कैंसर है जो कोलन या मलाशय (Rectum) में शà¥à¤°à¥‚ होता है। कोलोरेकà¥à¤Ÿà¤² कैंसर के जोखिम को बà¥à¤¾à¤¨à¥‡ वाले कà¥à¤› कारकों में अधिक वजन या मोटापा, शारीरिक निषà¥à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¤à¤¾, रेड और पà¥à¤°à¥‹à¤¸à¥‡à¤¸à¥à¤¡ मीट का अधिक सेवन, धूमà¥à¤°à¤ªà¤¾à¤¨, शराब का सेवन, अधिक उमà¥à¤° का होना, और परिवार में पहले से कोलोरेकà¥à¤Ÿà¤² कैंसर का इतिहास होना शामिल है।
कोलोरेकà¥à¤Ÿà¤² कैंसर संयà¥à¤•à¥à¤¤ राजà¥à¤¯ अमेरिका में चौथा सबसे आम कैंसर है। हालांकि आपको इससे जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ डरने की जरूरत नहीं है, इसका इलाज संà¤à¤µ है, यदि इसे जलà¥à¤¦à¥€ पकड़ लिया जाà¤à¥¤ धूमà¥à¤°à¤ªà¤¾à¤¨ छोड़ना, रेड मीट और शराब का सेवन सीमित करना, पà¥à¤°à¥‹à¤¸à¥‡à¤¸à¥à¤¡ मीट (जैसे हॉट डॉग, डेली मीट, बेकन या सॉसेज) के सेवन से बचना, नियमित वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® और अपने वजन को नियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ करना कोलोरेकà¥à¤Ÿà¤² कैंसर के आपके जोखिम को कम करने के सà¤à¥€ तरीके हैं।
कोलोरेकà¥à¤Ÿà¤² कैंसर के लकà¥à¤·à¤£
1- आंतों की पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ में बदलाव, जैसे दसà¥à¤¤, कबà¥à¤œ या मल तà¥à¤¯à¤¾à¤— करने में परेशानी होना
2- पेट में à¤à¤‚ठन की समसà¥à¤¯à¤¾
3- कमजोरी और थकान महसूस होना
4- बेवजह वजन का घटना
कोलोरेकà¥à¤Ÿà¤² कैंसर की सà¥à¤•à¥à¤°à¥€à¤¨à¤¿à¤‚ग
इसमें रोगी के मल के नमूने की जांच होती है। रोगी के मलाशय और सिगà¥à¤®à¥‹à¤‡à¤¡ की जांच करने के लिठडॉकà¥à¤Ÿà¤° à¤à¤• सिगà¥à¤®à¤¾à¤¯à¥‹à¤¡à¥‹à¤¸à¥à¤•ोप नाम के लचीले और हलà¥à¤•े टà¥à¤¯à¥‚ब (जिसमें कैमरा लगा होता है) का पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— करते हैं, जिसमें कैमरा लगा होता है । यह टेसà¥à¤Ÿ कम समय में हो जाता है और इसमें मामूली परेशानी होती है। इसके अलावा बेरियम à¤à¤¨à¥€à¤®à¤¾ à¤à¤•à¥à¤¸-रे (Barium enema X-ray), कोलोनोसà¥à¤•ोपी (Colonoscopy) और अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड जैसे टेसà¥à¤Ÿ करके à¤à¥€ कोलोरेकà¥à¤Ÿà¤² कैंसर का पता लगाया जा सकता है।
फेफड़े का कैंसर
फेफड़े का कैंसर अकà¥à¤¸à¤° हवा में रसायनों और अनà¥à¤¯ कणों के संपरà¥à¤• में आने के कारण होता है। जबकि तंबाकू का सेवन फेफड़ों के कैंसर का पà¥à¤°à¤®à¥à¤– कारण है, फेफड़े के कैंसर वाले सà¤à¥€ लोग धूमà¥à¤°à¤ªà¤¾à¤¨ करने वाले नहीं होते हैं। इनमें कà¥à¤› à¤à¤¸à¥‡ लोग हो सकते हैं, जो पहले धूमà¥à¤°à¤ªà¤¾à¤¨ करते हो, और कà¥à¤› वो à¤à¥€ हो सकते हैं, जिनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने कà¤à¥€ à¤à¥€ धूमà¥à¤°à¤ªà¤¾à¤¨ का सेवन नहीं किया हो। इसको पहचानने का सबसे बेहतर तरीका है कि जब à¤à¤• लंबी और बेहिसाब खांसी में बलगम के साथ-साथ खून के लकà¥à¤·à¤£ दिखने लगे, तो à¤à¤¸à¥‡ में फेफडों के कैंसर की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ काफी बढ़ जाती है।
फेफड़ों के कैंसर के लकà¥à¤·à¤£
1- लंबे समय तक होने वाली खांसी जो वकà¥à¤¤ के साथ बढ़ जाà¤à¥¤
2- खांसी में खून या जंग के रंग का बलगम (थूक या कफ)।
3- गहरी सांस लेने में सीने में दरà¥à¤¦ महसूस होना, जो खांसते और हंसते हà¥à¤ बढ़ जाà¤à¥¤
4- à¤à¥‚ख में कमी।
5- थका हà¥à¤† या कमजोर महसूस करना।
फेफड़ों के कैंसर की सà¥à¤•à¥à¤°à¥€à¤¨à¤¿à¤‚ग
चेसà¥à¤Ÿ à¤à¤•à¥à¤¸-रे पà¥à¤°à¤¾à¤°à¤‚à¤à¤¿à¤• चरण के फेफड़ों के कैंसर का पता लगाने के लिठकाफी नहीं हैं। लेकिन कà¥à¤› सावधानियां बरत कर कैंसर के जोखिम को कम कर सकते हैं। यदि आप धूमà¥à¤°à¤ªà¤¾à¤¨ नहीं करते हैं, तो कà¤à¥€ इसका सेवन शà¥à¤°à¥‚ न करें, और अनà¥à¤¯ लोगों के धà¥à¤à¤‚ में सांस लेने से बचें। यदि आपके मितà¥à¤° और पà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤œà¤¨ धूमà¥à¤°à¤ªà¤¾à¤¨ करते हैं, उनके संपरà¥à¤• में न आà¤à¤‚। लो-डोस कंपà¥à¤¯à¥‚टर टोमोगà¥à¤°à¤¾à¤«à¥€ (कम-खà¥à¤°à¤¾à¤• सीटी सà¥à¤•ैन) की मदद से कैंसर का पता लगाया जा सकता है।
बà¥à¤²à¥ˆà¤¡à¤° कैंसर
बà¥à¤²à¥ˆà¤¡à¤° कैंसर à¤à¤• सामानà¥à¤¯ पà¥à¤°à¤•ार का कैंसर है जो मूतà¥à¤°à¤¾à¤¶à¤¯ की कोशिकाओं में शà¥à¤°à¥‚ होता है। मूतà¥à¤°à¤¾à¤¶à¤¯ (बà¥à¤²à¥ˆà¤¡à¤°) आपके निचले पेट में à¤à¤• खोखले पेशी अंग है जो मूतà¥à¤° को संगà¥à¤°à¤¹à¥€à¤¤ करता है। मूतà¥à¤°à¤¾à¤¶à¤¯ का कैंसर सबसे अधिक बार उन कोशिकाओं (यूरोटेल कल कोशिकाओं) में शà¥à¤°à¥‚ होता है जो आपके मूतà¥à¤°à¤¾à¤¶à¤¯ के अंदर होती हैं। यूरोटेलियल कोशिकाà¤à¤‚ आपके गà¥à¤°à¥à¤¦à¥‡ और नलिकाà¤à¤‚ (मूतà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¹à¤¿à¤¨à¥€) में à¤à¥€ पाई जाती हैं जो गà¥à¤°à¥à¤¦à¥‡ को मूतà¥à¤°à¤¾à¤¶à¤¯ से जोड़ती हैं। यूरोटेलियल कैंसर गà¥à¤°à¥à¤¦à¥‡ और मूतà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¹à¤¿à¤¨à¥€ में à¤à¥€ हो सकता है, लेकिन यह मूतà¥à¤°à¤¾à¤¶à¤¯ में बहà¥à¤¤ अधिक सामानà¥à¤¯ है।
बà¥à¤²à¥ˆà¤¡à¤° कैंसर के लकà¥à¤·à¤£
1- मूतà¥à¤° में रकà¥à¤¤ (हेमाटà¥à¤¯à¥‚रिया), जिसके कारण पेशाब चमकीला लाल या कोला के रंग का दिखाई दे सकता है, हालांकि कà¤à¥€-कà¤à¥€ पेशाब सामानà¥à¤¯ दिखाई देता है और आपको मूतà¥à¤°à¤¾à¤¶à¤¯ का कैंसर है, इसका पता लैब टेसà¥à¤Ÿ में पता चलता है।
2- लगातार पेशाब आना।
3- मूतà¥à¤° तà¥à¤¯à¤¾à¤— करने में दरà¥à¤¦ महसूस होना।
4- पीठदरà¥à¤¦ का महसूस होना।
5- महिलाओं के बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥à¤Ÿ में गांठपड़ जाना और पीरियडà¥à¤¸ के समय अधिक खून आना।
बà¥à¤²à¥ˆà¤¡à¤° कैंसर की सà¥à¤•à¥à¤°à¥€à¤¨à¤¿à¤‚ग
मूतà¥à¤°à¤¾à¤¶à¤¯ के कैंसर के लिठकोई सà¥à¤•à¥à¤°à¥€à¤¨à¤¿à¤‚ग नहीं की जाती है। अपने चिकितà¥à¤¸à¤• को बताà¤à¤‚ यदि आपको किसी तरह के लकà¥à¤·à¤£ महसूस होते हैं। मूतà¥à¤°à¤¾à¤¶à¤¯ के कैंसर की जांच करने के तरीके के रूप में हेमाटà¥à¤¯à¥‚रिया परीकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ का अधà¥à¤¯à¤¯à¤¨ किया गया है। मूतà¥à¤°à¤¾à¤¶à¤¯ और अनà¥à¤¯ यूरोटेल कल कैंसर के लिठसà¥à¤•à¥à¤°à¥€à¤¨à¤¿à¤‚ग परीकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ का नैदानिक परीकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ में अधà¥à¤¯à¤¯à¤¨ किया जा रहा है।
सà¥à¤•िन कैंसर
आमतौर पर किसी को à¤à¥€ सà¥à¤•िन कैंसर हो सकता है, लेकिन फेयर सà¥à¤•िन यानी कि जो लोग जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ गोर होते हैं, उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ डारà¥à¤• सà¥à¤•िन वाले लोगों की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ में सà¥à¤•िन कैंसर होने की अधिक संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ होती है। जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° बेसल सेल और सà¥à¤•à¥à¤µà¥ˆà¤®à¤¸ सेल सà¥à¤•िन कैंसर सूरज की रोशनी से अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤µà¥‰à¤¯à¤²à¥‡à¤Ÿ (यूवी) किरणों के साथ-साथ टैनिंग बेडà¥à¤¸ जैसी बार-बार और असà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ तà¥à¤µà¤šà¤¾ के संपरà¥à¤• में आने के कारण होते हैं। à¤à¤• पà¥à¤°à¤•ार का तà¥à¤µà¤šà¤¾ कैंसर, जिसे मेलेनोमा कहा जाता है, कà¥à¤› अनà¥à¤¯ पà¥à¤°à¤•ार के तà¥à¤µà¤šà¤¾ कैंसर की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ में कम आम है, लेकिन यह अधिक खतरनाक है कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि इसके बà¥à¤¨à¥‡ और फैलने की अधिक संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ होती है।
सà¥à¤•िन के लकà¥à¤·à¤£ कैंसर
1- इसका पहला लकà¥à¤·à¤£ किसी तिल या à¤à¤¾à¤ˆ के आकार, आकार या रंग में बदलाव हो सकता है।
2- आपको अपने चिकितà¥à¤¸à¤• को आपकी तà¥à¤µà¤šà¤¾ पर किसी à¤à¥€ घाव के बारे में बताना चाहिठजो कि ठीक नहीं हो रहा हो।
3- तà¥à¤µà¤šà¤¾ कैंसर आपके शरीर के किसी à¤à¥€ à¤à¤¾à¤— पर हो सकता है, इनमें सिर, कान, होंठ, गरà¥à¤¦à¤¨, नाखूनों के नीचे, गà¥à¤ªà¥à¤¤à¤¾à¤‚ग आदि।
4- तà¥à¤µà¤šà¤¾ का कैंसर अकà¥à¤¸à¤° à¤à¤• तिल, à¤à¤¾à¤ˆ या सà¥à¤ªà¥‰à¤Ÿ के रूप में दिखाई देता है। लेकिन इसके लकà¥à¤·à¤£ तà¥à¤µà¤šà¤¾ कैंसर के पà¥à¤°à¤•ार पर निरà¥à¤à¤° करते हैं।
5- यदि परिवार में किसी करीबी सदसà¥à¤¯ को पहले मेलेनोमा था, उनमें मेलेनोमा सà¥à¤•िन कैंसर का खतरा बॠजाता है।
सà¥à¤•िन कैंसर की सà¥à¤•à¥à¤°à¥€à¤¨à¤¿à¤‚ग
सà¥à¤•à¥à¤°à¥€à¤¨ कैंसर से बचने के लिठसबसे अचà¥à¤›à¤¾ तरीका है, आप हर महीने पूरी तरह से तà¥à¤µà¤šà¤¾ की जांच कराà¤à¤‚। यह विशेष रूप से महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ है यदि परिवार में मेलेनोमा का पारिवारिक इतिहास है। अपनी खोपड़ी और अपने पैरों के तलवों की जांच कराà¤à¤‚। अधिकांश तà¥à¤µà¤šà¤¾ कैंसर के जोखिम को कम करने का सबसे महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ तरीका सूरज से पराबैंगनी (यूवी) किरणों और अनà¥à¤¯ सà¥à¤°à¥‹à¤¤à¥‹à¤‚ के संपरà¥à¤• में आने से बचना है। जब à¤à¥€ आप जाà¤à¤‚ तो छाया में रहने की कोशिश करें, खासकर दिन के मधà¥à¤¯ में। यदि आप धूप में जा रहे हैं, तो, पूरी बाजू के कपडों के साथ हैट लगाà¤à¤‚, सनगà¥à¤²à¤¾à¤¸à¥‡à¤¸ लगाà¤à¤‚, और तà¥à¤µà¤šà¤¾ पर कम से कम 30 के à¤à¤¸à¤ªà¥€à¤à¤« वाली सनसà¥à¤•à¥à¤°à¥€à¤¨ लगाà¤à¤‚। यदि आपके बचà¥à¤šà¥‡ हैं, तो उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ धूप से बचाà¤à¤‚ और उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ धूप में न जाने दें। अपनी तà¥à¤µà¤šà¤¾ पर सà¤à¥€ मोलà¥à¤¸ और धबà¥à¤¬à¥‹à¤‚ के बारे में जागरूक रहें, और सà¥à¤•िन डाॅकà¥à¤Ÿà¤° से तà¥à¤°à¤‚त संपरà¥à¤• करें।
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